नेताजी सुभाष चंद्र बोस और गुरु रविंद्रनाथ टैगोर की धरती पश्चिम बंगाल का अतीत जितना गौरवशाली है. उतनी समृद्ध है यहां की संस्कृति, कुदरत ने भी इस राज्य को प्राकृतिक खूबसूरती से नवाजा है.  पश्चिम बंगाल में ऐसे कितने ही ऐतिहासिक, पौराणिक और प्राकृतिक स्थल है, जो सैलानियों को आकर्षित करते हैं.

रेस कोर्स

यहां ब्रिटिश काल से नवंबर से फरवरी के बीच रेस का आयोजन किया जाता है. यहां होने वाले एलिजाबेथ कप और डर्बी कप रेस को देखने के लिए हर साल हजारों लोग पहुंचते है. रेस कोर्स की स्थापना 1820 में की गई थी.

विक्टोरिया मेमोरियल

विक्टोरिया मेमोरियल ने ब्रिटिशकालीन भारत के इतिहास के कई पन्ने जुड़ते हैं. सफेद रंग में रंगी ये इमारत बेहतरीन स्थापत्य कला का नमूना है.

बंगीय साहित्य परिषद

बंगाल के साहित्य, प्राचीन इतिहास से जुड़ी वस्तुओं को देखना है, समझना है. तो बंगीय साहित्य परिषद से बेहतर कोई जगह नहीं. बंगीय साहित्य परिषद की स्थापना 1910 में की थी. बंगीय साहित्य परिषद कोलकाता का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है.

शहीद स्तंभ

शाहिद मीनार ऐतिहासिक स्मारक है. इसे सर डेविड ऑक्थरलोनी की देखरेख में 1848 में बनावाया गया था. ये स्मारक 1814 से 1816 तक चले नेपाल युद्ध में विजय का प्रतीक है.

हावड़ा पुल

हावड़ा ब्रिज को रवींद्र सेतु भी कहा जाता है. ब्रिटिश काल में बनाया गया ये पुल आज भी पर्यटकों को आकर्षण का केंद्र है. इस पुल के निर्माण में करीब 26,500 टन स्टील लगा है.

फोर्ट विलियम कोलकाता

फोर्ट विलियम ब्रिटिश काल के दौरान निर्मित एक खूबसूरत इमारत है. जिसे उस वक्त सेना की देखरेख में बनाया गया.

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