पाप और पापियों का नाश करने के लिए समय-समय पर भगवान विष्णु ने धरती पर जन्म लिया था। कभी राम, तो कभी कृष्ण के अवतार में विष्णु अवतरित हुए। हर बार भगवान विष्णु के अवतारों ने भक्तों के कष्ट दूर किए और उन्हे पापियों से मुक्ति दिलाय़ी है। देशभर में भगवान विष्णु को हजारों मंदिर समर्पित है। जहां भगवान विष्णु और उनके अवतार विराजमान हैं।

1. बद्रीनाथ मंदिर

भगवान विष्णु के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है बद्रीनाथ मंदिर। श्री बद्रीनाथ उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा के किनारे विराजमान है. हिंदू धर्म के ‘चार धाम’ में श्री बद्रीनाथ की गिनती की जाती है। प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री बद्रीनाथ, भगवान विष्णु को समर्पित 108 मंदिरों यानि दिव्य देसम में शामिल है। बद्रीनाथ में विष्णु के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर दूर से आते हैं.

2. श्री जगन्नाथ मंदिर

ओडिशा राज्य के शहर पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर हिन्दूओं का प्रसिद्ध मंदिर है, यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। पुरी नगर श्री कृष्ण यानी जगन्नाथपुरी की पावन नगरी कहलाती है। वैष्णव सम्प्रदाय का यह मंदिर हिंदुओं की चार धाम यात्रा में गिना जाता है। जगन्नाथ मंदिर का हर साल निकलने वाली रथ यात्रा उत्सव संसार में बहुप्रसिद्ध है। पुरी के इस मंदिर में तीन मुख्य देवता विराजमान हैं। भगवान जगन्नाथ के साथ उनके बड़े भाई बलभद्र व उनकी बहन सुभद्रा तीनों, तीन अलग-अलग भव्य और सुंदर आकर्षक रथों में विराजमान होकर नगर की यात्रा को निकलते हैं।

3. रंगानाथ स्वामी मंदिर

रंगनाथ स्वामी मंदिर दक्षिण भारत के तिरुचिरापल्ली शहर के श्रीरंगम में स्थित हिन्दुओं का एक पवित्र धार्मिक स्थल है। रंगानाथ स्वामी श्री हरि के विशेष मंदिरों में से एक है. भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर को भूलोक का वैकुंठ या भगवान विष्णु का धाम माना जाता है। यहां भगवान विष्णु की पूजा श्री रंगनाथन के रूप में की जाती है। यह मंदिर कावेरी नदी के तट पर स्थित है। कहा जाता है भगवान विष्णु के अवतार श्री राम ने लंका से लौटने के बाद यहां पूजा की थी.

4. वेंकटेश्वर मंदिर

आन्ध्र प्रदेश के तिरुमाला शहर में भगवान वेंकटेश्वर का काफ़ी प्रसिद्ध मंदिर है। भगवान विष्णु के सबसे पुराने और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक वेंकटेश्वर मंदिर, तिरुपति के पास तिरूमाला पहाड़ी बना है. हर साल अनगिनत लोग यहां आकर भगवान वेंकटेश का आशीर्वाद और दर्शन पाते हैं. मंदिर को तिरुपति मंदिर, तिरुमाला मंदिर, तिरुपति बालाजी मंदिर नाम से भी जानते हैं.

5. राम मंदिर, अयोध्या

श्री राम की जन्म भूमि कही जाने वाले उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयु नदी के किनारे बसा है राम मंदिर। देशभर के राम मंदिरो में सबसे प्रसिद्ध है अयोध्या का राम मंदिर। त्रेता युग में भगवान राम ने भगवान विष्णु के सातवें अवतार के रूप में अयोध्या के महाराज दशरथ और महारानी कौशल्या के घर में सबसे बड़े पुत्र के रूप में जन्म लिया था। भगवान राम की जन्मस्थली होने की वजह से रामभक्त दर्शन के लिए यहां आते हैं.

6. द्वारिकाधीश मंदिर

ये मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है. माना जाता है द्वारिकाधीश लगभग 2000 साल पुराना मंदिर है. इस मंदिर को भगवान कृष्ण के पोते वज्रनाभ ने बनवाया था. गुजरात के द्वारका में स्थित द्वारकाधीश मंदिर द्वारका नगरी आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित देश के 4 धामों में से एक है। माना जाता है कि श्री कृष्ण और उनके मित्र सुदामा इस जगह पर ही मिले थे। सुदामा ने मिलने पर श्री कृष्ण को उपहार में चावल भेंट किए थे। इसलिए आज भी द्वारका धाम यात्रा के दौरान भक्तों द्वारा ब्राह्मणों को चावल दान करने की परंपरा चली आ रही है।

7. सिंहाचलम मंदिर

सिंहाचलम मंदिर में भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की आराधना की जाती है. आंध्रपदेश के विशाखापट्टनम के करीब सिंहाचल पर्वत पर सिंहाचलम मंदिर स्थित है। इस मंदिर को भगवान नृसिंह का घर कहा जाता है। मंदिर की विशेषता है कि यहाँ पर यहाँ भगवान् विष्णु के वराह और नृसिंह अवतार का सयुंक्त रूप विराजमान है। विष्णु के दोनो अवतार माँ लक्ष्मी के साथ स्थापित हैं. इस मंदिर की एक खासियत ये भी है कि यहां भगवान नृसिंह की मूर्ति पर पूरे समय चंदन का लेप होता है। केवल अक्षय तृतीया को ही एक दिन के लिए ये लेप हटाया जाता है, उसी दिन लोग असली मूर्ति के दर्शन करते हैं।

8. कुम्भलगढ़ परशुराम मंदिर

अरावली की सुरम्य पहाडिय़ो में स्थित गुफा में परशुराम महादेव मंदिर बना है। विष्णु के छठे अवतार परशुराम ने भगवान शिव की कई वर्षो तक य़हां कठोर तपस्या की थी। दुर्गम पहाड़ी पर कुम्भलगढ़ के पास बने प्राचीन परशुराम महादेव मंदिर को भक्तो ने मेवाड़ के अमरनाथ नाम भी दे दिया। बनास नदी के उद्गम स्थल को भगवान परशुराम महादेव का तपस्यास्थल माना जाता है। कर्ण को यहीं पर परशुराम ने शिक्षा दी थी, लेकिन यहां सूतक होने से परशुराम महादेव वर्तमान तीर्थस्थल की गुफा मे चले गए, जहां आज भी शिवलिंग विराजमान है। मान्यता है कि भगवान बद्रीनाथ के कपाट वही व्यक्ति खोल सकता है, जिसने परशुराम महादेव के दर्शन किए हों।

9. दशावतार मंदिर

दशावतार मन्दिर, उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के देवगढ़ में बना है। ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण गुप्त काल में किया गया था। इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां श्रद्धालु भगवान विष्णु के दस अवतारों के दर्शन एक साथ कर सकते हैं। दशावतार मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति नर-नारायण तपस्या के आकार में बनी है। साथ ही दूसरी मूर्ति में भगवान विष्णु नाग पर लेटे हैं। यह मंदिर हिन्दू श्रद्धालुओं का आकर्षण का केंद्र हैं।

10. वामन मंदिर

कांचीपुरम शहर में कामाक्षी देवी मंदिर के पास ही वामन मंदिर स्थित है। वामन मंदिर कांचीपुरम के अनूठे मंदिरों में से एक है। यहां भगवान विष्णु की अदभुत प्रतिमा के दर्शन होते हैं. भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण कर असुर महाबली का हराया था। वामन भगवान के मंदिर में भगवान वामन की विशाल मूर्ति काले पत्थरों से बनी है। इसमें भगवान का एक चरण ऊपर के लोकों को नापते हुए उठा हुआ है जबकि दूसरा चरण राजा बलि के मस्तक पर रखा है। इस मंदिर में श्रद्धालुओं को पुजारी एक बांस में मोटी बत्ती जलाकर भगवान के श्रीमुख के दर्शन कराते हैं। विष्णु की इस तरह की मूर्ति और कहीं देखने को नहीं मिलती।

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