क्या कभी आपने कोई ऐसा झरना या वॉटरफॉल देखा है. जो सतरंगी हो. जिसमें दिखाई देते हो इंद्रधनुष के रंग. अगर आपने नहीं देखा है. तो आपको बताते हैं, ऐसे ही झरने की कहानी, जिसमें दिखाई देते हैं इंद्रधनुष के रंग.

भालु गाड वॉटरफॉल

भालु गाड वॉटरफॉल झीलों के शहर नैनीताल से करीब है और मुक्तेश्वर क्षेत्र में स्थित है. मुक्तेश्वर से भालु गाड की दूरी कोई 20 किमी. है. भालु गाड वॉटरफॉल की देखरेख तीन गावों की समिति करती है. ये तीन गांव हैं, चौखुटा, गजार और बुरांसी.

क्यों खास है भालु गाड वॉटरफॉल ?

यूं तो भालु गाड वॉटरफॉल किसी दूसरे झरने की तरह ही है. लेकिन पहाड़ से नीचे आते पानी के बीच दिखने वाला इंद्रधनुष इसे खास बनाता है. पहाड़ से पानी जब नीचे की ओर आता है और पानी पर सूरज की रोशनी पड़ती है. तो सातों रंग अलग- अलग दिखाई देते हैं. जैसे वॉटरफॉल के ऊपर कोई इंद्रधनुष उभर आया हो.

यहां आने वाले सैलानियों के लिए भालु गाड वॉटरफॉल किसी सपने की तरह लगता है. हालांकि मूलभूत सुविधाओं के चलते भालु गाड वॉटरफॉल वो पर्यटन के मानचित्र पर वो जगह नहीं हासिल हो पाई है. जो मिलनी चाहिए थी. फिर भी हर साल यहां हजारों पर्यटक पहुंचते हैं.

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वॉटरफॉल की ऊंचाई

भालु गाड वॉटरफॉल की ऊंचाई करीब 50 फीट है और गहराई करीब 40 फीट. भालु गाड वॉटरफॉल जितना सुंदर दिखाई देता है. उतना ही खतरनाक भी है. वॉटरफॉल के आस-पास कोई हादसा न हो इसके लिए भालु गाड विकास समिति ने सुरक्षा के कई इंतजाम किए हैं.

कैसे पहुंचे ?

भालु गाड वॉटरफॉल के दीदार के लिए अगर आप जाना चाहते हैं. तो पहले आपकों मुक्तेश्वर जाना होगा. मुक्तेश्वर से भालु गाड की दूरी 20 किमी. है. यहां से आप कैब बुक कर सकते हैं. या फिर सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

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