उत्तराखंड का चमोली जिला कई आश्चर्यों को अपने आप में समेटे हुए है. एक ओर फूलों की घाटी, औली, नंदा देवी पर्वत श्रंखला, कामेट, सातो पंथ ताल, रुपकुंड का प्राकृतिक सौंदर्य. तो दूसरी ओर बद्रीनाथ धाम का आध्यात्मिक विस्तार.

चमोली में कितने ही पर्यटन स्थल है. लेकिन आज बात उस कुंड की. जहां हांड़ कंपा देने वाली ठंड में भी पानी खौलता रहता है.

क्या है तपोवन में स्थित गर्म पानी के स्रोत का रहस्य ?

हम बात कर रहे हैं. चमोली के जोशीमठ से कुछ ही दूरी पर स्थित तपोवन की. जहां स्थित है एक ऐसा कुंड, जहां पानी का जमा देने वाली ठंड में भी पानी खौलता रहता है.

बाहर कड़कड़ाती ठंड, पहाड़ी के नीचे गर्म पानी का कुंड

पहाड़ी के ठीक नीचे खौलते पानी का स्रोत आज भी सभी के लिए रहस्य है. इस इलाके में तापमान माइनस के नीचे जाने के बाद भी कुंड का पानी खौलता रहता है. जो कि यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को भी अंचभित कर देता है.

पानी में अंडे उबालते हैं पर्यटक

गर्म पानी कहां सा आता है, आखिर सर्दियों में कैसे पानी खौलता रहता है. ये आज भी रहस्य है. लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों के लिए ये रोमांच का विषय है. वो इस पानी में अंडे बांधकर डालते हैं. उबल जाने पर उन्हें खाते हैं.

कैसे पहुंचे ?

जोशीमठ के लिए ऋषिकेश, देहरादून, हरिद्वार से बस और कैब उपलब्ध हैं. जोशीमठ पहुंचने के बाद आप तपोवन जा सकते हैं. तपोवन की जोशीमठ से दूरी बहुत ज्यादा नहीं है.

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