रानीखेत, उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है. कहा जाता है, कि जो एक बार रानीखेत आया, यहां की कुदरती खूबसूरती का कायल हो गया. बर्फ से ढकी हिमालय की पर्वत श्रंखला,  दूर तक फैली हरियाली और शुद्ध ताजा हवा रानीखेत की पहचान है

रानीखेत अल्मोड़ा का प्रमुख पर्यटन स्थल है. यहां हर साल गर्मी के मौसम में हजारों पर्यटक पहुंचते हैं. अल्मोड़ा जिले में स्थित रानीखेत चीड़ और देवदार के पेड़ों से घिरा एक सुंदर हिल स्टेशन है.

आकर्षण

रानीखेत से बर्फ से ढकी हिमालय की लम्बी पर्वत श्रंखला दिखाई देती है. जो कि पर्यटकों का मन मोह लेती है. रानीखेत से सेण्डारी ग्लेशियर, कौसानी, चौबटिया और कालिका भी आसानी पहुंचा जा सकता है.

कैसे पड़ा रानीखेत का नाम

रानीखेत के नाम के बारे में कहा जाता है की सैकड़ों साल पहले एक रानी यहां घूमने के लिए आई थी. लेकिन यहां की प्राकृतिक सुंदरता देख वो इतनी खुश हुई कि यहीं की होकर रह गई.  तभी से इसे रानीखेत कहा जाने लगा. रानीखेत का सबसे बड़ा आकर्षण है. यहां का विश्व प्रसिद्ध गोल्फ का मैदान. इस मैदान को उपट कालिका के नाम से भी जाना जाता है.

रानीखेत में है एशिया का दूसरा बड़ा गोल्फ का मैदान

कहा जाता है, कि ब्रिटिश हुकूमत के वक्त रानीखेत कैंटोमेंट अंग्रेजों का सबसे पंसदीदा छावनी क्षेत्र था. यहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्फ का मैदान है. जो कि पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं

झूला देवी मंदिर

रानीखेत में स्थित झूला देवी मंदिर की अपनी अलग पहचान है. इस मंदिर में स्थानीय लोगों की गहरी आस्था है. मान्यता है कि यहां जो भी मनोकामना की जाती है वो पूरी होती है.

मंदिर में घंटी चढ़ाते हैं भक्त

रानीखेत का झूला देवी मंदिर कोई 700 साल पुराना है. बीते वक्त में मंदिर का कई बार जीर्णोद्वार हुआ है. यहां मंदिर में भक्त माता को घंटी चढ़ाते हैं. इस मंदिर को लेकर कई मान्यताएं हैं.

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