लेक डिस्ट्रिक ऑफ इंडिया, यानी की नैनीताल. नैनीताल में कई खूबसूरत ताल है, जिनके दीदार के लिए हर साल हजारों पर्यटक आते हैं. नैनी झील, सात ताल, नौकुचियाल, नल दमयंती, हरीश ताल, भीमताल. लेकिन नैनीताल के पास एक ऐसा ताल भी है. जो जितना खूबसूरत है उतना ही खतरनाक भी.

इस ताल के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं. कहते हैं इस ताल में पूनम की रात को परियां नहाने आती हैं. नाम है परी ताल

परी ताल

नैनीताल से करीब 25 किमी. की दूरी पर चाफी का गांव पड़ता है. परी ताल उसी रास्ते पर है. चाफी गांव से आगे बढ़ने पर कलशा नदी पड़ती है. यहां से परीताल की दूरी कोई 2 किलोमीटर है. लेकिन ये रास्ता बेहद खतरनाक है.

दरअसल परीताल कलशा नदी के उस पार स्थित है. जिसे पार करने के लिए तेज बहाव, बड़े-बड़े पत्थर और फिसलन भरे रास्तों गुजरना पड़ता है. परीताल की सबसे बड़ी खासियत है, ये झील पास पहुंचने पर भी दिखाई नहीं देती.

बहुत छोटा है झील का क्षेत्रफल

परीताल बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन यहां की भौगोलिक परिस्थितियां मत्रमुग्ध कर देती हैं. झील के ऊपर एक झरना है. जिसका पानी झील में भंवर बनाता है. ताल की सबसे बड़ी ख़ासियत है कि इसके चारों तरफ विशालकाय चट्टाने है. जिसके चलते ये ताल दूर से दिखाई नहीं देता.

दुर्गम रास्तों के चलते कम ही पर्यटक पहुंचते हैं

रास्ते ठीक न होने से परीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी कम है. ज्यादातर पर्यटक नैनीताल से ही वापस लौट जाते हैं. लेकिन अगर आप एडवेंचर के शौकीन है. कोई नई जगह देखना चाहते हैं. तो परीताल से बेहतर कुछ नहीं.

और पढ़ें: कीजिए खूबसूरत डेस्टिनेशन भवाली का सफर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here