उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बसे गोरखपुर शहर की पहचान गोरक्षपीठ से है. लेकिन गोरखपुर में और भी कई ऐसे स्थल है, जिनका इतिहास बेहद पुराना है. कई ऐसे मंदिर जिनमें लोगों की गहरी आस्था है.

ऐसा ही एक मंदिर है, बसियाडीह माता मंदिर. जिसका निर्माण 10वीं शताब्दी में कराया गया था. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर का निर्माण थारू राजा मान सिंह ने कराया था. कहा जाता है, कि राजा मान सिंह की मां दुर्गा में गहरी आस्था थी. बाद में डोमकटार और सतासी राजाओं ने मंदिर की देखरेख की.

मंदिर को लोगों की मान्यता

स्थानीय लोगों को मानना है, कि मंदिर में जो भी मुराद मांगी जाती है. वो पूरी होती है. गोरखपुर के बसियाडीह मंदिर की जिक्र कई किताबों में मिलता है. किताब आइने गोरखपुर में मंदिर के बारे में विस्तार से लिखा गया है.

स्थानीय लोग मां बसियाडीह को माता दुर्गा का अवतार मानते है. सावन के अंतिम दिन तीर्थ स्थल पर बड़े मेला का आयोजन होता है. इसके अलावा भी पूरे साल मंदिर में श्रद्धालुओं का आना- जाना बना रहता है.

कैसे पहुंचे ?

बसियाडीह माता मंदिर गोरखपुर के पश्चिमी छोर पर स्थित है. डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन बसियाडीह माता मंदिर से सबसे नजदीक है. इसलिए ट्रेन के जरिए तीर्थ स्थल तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. इसके अलावा सड़क मार्ग से गोरखपुर सभी बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है.

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