राजस्थान के खूबसूरत शहर उदयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित ईडाणा माता मंदिर. इस मंदिर के बारे में कई आश्चर्यजनक बात कही जाती हैं. कई मान्यताएं हैं. तमाम कहानियां

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देवी करती हैं अग्नि स्नान

ईडाणा माता मंदिर जितना पुराना है, उतनी ही दिलचस्प है मंदिर की कहानी. कहा जाता है, कि यहां देवी मां खुद अग्नि स्नान करती हैं. यहां महीने में दो-तीन बार खुद से अग्नि प्रज्वल्लित होती है. कई बार आग की लपटे 10-20 फीट तक उठती हैं. दिलचस्प बात इस आग में माता की मूर्ति के अलावा चुनरी, श्रंगार सब जल कर स्वाहा हो जाता है. लेकिन माता की प्रतिमा को कुछ नहीं होता.

खुले चौक में स्थित है मंदिर

अग्नि प्रज्वल्लित होने के कारण ही मंदिर में छत का निर्माण नहीं किया गया है. माता का मंदिर का खुले चौक में है. मंदिर का नाम मेवल की महारानी ईडाणा के नाम पर है. मंदिर से कई मान्यताएं जुड़ी हैं. कहा जाता है, कि मंदिर में आने से लकवाग्रस्त मरीज ठीक हो जाते हैं.

त्रिशूल चढ़ाने की है परंपरा

मंदिर में भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर त्रिशूल चढ़ाते हैं. जबकि नि: संतान झूला चढाने आते हैं

कैसे पहुंचे:

ईडाणा मंदिर उदयपुर से 60 किमी. दूर बम्बोरा गांव में स्थित है. जहां पहुंचने के लिए आपकों पहले उदयपुर पहुंचना होगा. उदयपुर सड़क मार्ग, ट्रेन और हवाई जहाज आसानी पहुंचा जा सकता है.

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