हिमाचल का नाम आते ही सबसे पहले शिमला और मनाली याद आते हैं. हो सकता है शिमला, मनाली या फिर धर्मशाला आप घूमने भी गए हों.

लेकिन हिमाचल प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य के खजाने में और भी कई जगहें हैं. जहां जाकर आपकों ऐसा लगेगा, कि यहीं होकर रह जाऊं.

राष्ट्रीय धरोहर है नग्गर कैसल

कुल्लू का नग्गर कैसल ऐसी ही जगह है. जो कि कुल्लू और मनाली के ठीक बीच में है. राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा प्राप्त नग्गर कैसल का निर्माण बड़े-बड़े पेड़ों और पत्थरों से किया गया है. भवन में कहीं भी लोहे की किलों का इस्तेमाल नहीं  हुआ है. भवन का निर्माण कुल्लू के राजा सिद्ध सिंह ने 16वीं में करवाया  था. 17 कमरों के इस शाही महल को ही अब नग्गर कैसल के नाम से जाना जाता है.

दिलचस्प है निर्माण की कहानी

काठकुणी शिल्प कला से बनाए गए इस सुंदर महल के निर्माण की कहानी भी काफी दिलचस्प है. व्यास नदी के तट पर बने किले में इस्तेमाल होने वाले पत्थर कई मिल दूर से इस पहाड़ी तक पहुंचाए गए थे. महल से व्यास नदी तक मानव श्रृंखला बनाकर पत्थर को महल तक पहुंचाया गया था.

ये महल आज भी उस पुराने जमाने की यादों को संजोए बैठा है. महल में जहां  कोर्ट लगाकर न्याय किया जाता था वो जगह आज भी ज्यों की त्यों हैं.

एक बंदूक के लिए राजा ने महल बेच दिया

चट्टान की तरह खड़े इस महल ने वक्त के कई थपेड़ों को सहा है. सन 1846 तक इस घराने के वंशज किले का इस्तेमाल ग्रीष्मकालीन महल के रूप में करते थे. लेकिन जब अंग्रेजों ने सारा कुल्लू सिक्खों के अधिकार से छुड़ा कर  अपने कब्जे में ले लिया था. तब राजा ज्ञान सिंह ने मात्र एक बंदूक के लिए इसे मेजर को बेच दिया था..

उस समय के राजशाही सदस्यों की मौत पर उनकी याद में पत्थर की शिलाओं की मूर्तियां बनाई जाती थी. ये मूर्तियां आज भी नग्गर कैसल के आंगन में देखी जा सकती है. इसके अलावा महल में एक कारागार भी था. इसे अभी म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया है. यहां पुराने वाद्य यंत्र, अस्त्र- शस्त्रों और कपड़ों को संजोकर रखा गया है.

नग्गर कैसल से जुड़ी है धार्मिक आस्था

जगतीपट्ट मंदिर नग्गर का प्रमुख मंदिर है, जो कि नग्‍गर कैसल परिसर में ही है. देव आस्था से जुड़ा ये मंदिर  देवदार की लकड़ी से इस तरह बना हुआ है कि इस पर भूकंप का कोई असर नहीं होता.

अब एक होटल है नग्गर कैसल

1978 में ये नग्गर कैसल सरकार के अधीन आ गया और उसे होटल में परिवर्तित कर दिया गया. हिमाचल प्रदेश पर्यटक विभाग यहां पर्यटकों का आव भगत करता है. जहां कभी राज परिवार खाना खाता था. वो जगह अब रेस्टोरेंट ने ले ली है. जहां राजा सोया करता था. वहां आज पर्यटक ठहरते हैं

नग्गर कैसल परिसर और इसके आसपास और भी कई आकर्षक और दर्शनीय स्थल हैं. यहां दर्जनों बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी  है. ये इमारत अपने आप में एक अजूबा है. इस इमारत की खूबसूरती के साथ-साथ मजबूती सबको चौंकाती है. जिसे देखकर हर कोई कह उठता है अद्भुत, अविश्वसनीय , अकल्पनीय.

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