हैदराबाद में मुझे बस कुछ दिन ही और रहना था. तो मैंने अपने दोस्त के साथ ऊंटी घूमने का प्लान बनाया. हमने हैदराबाद से मैसूर तक ट्रेन का सफर किया और वहां से ऊंटी से लिए बस पकड़ी. मैसूर से बस का सफर बेहद की रोमांचक रहा, हर तरफ हरियाली और खुशनुमा मौसम ने हमारा स्वागत किया.

ऊटी में चाय के बागान

खूबसूरत नीलगिरी के पहाड़ और चाय के बागान

नीलगिरी की पहाड़ शुरू होते ही चाय के बागानों से हमारा सामना हुआ. ऐसा लग रहा था प्रकृति ने यहां की नैसर्गिक सौंदर्य को फुर्सत से बसाया था. पूरा सफर की थकान को ऊंटी पहुंचते ही जैसे समाप्त हो गई. ऊंटी का सौंदर्य मेरी उम्मीद से भी कहीं ज्यादा था.

बॉटनिकल गार्डन, ऊटी

बॉटनिकल गार्डेन की सैर जरूर करें

ऊंटी एक बड़ा शहर है, पहाड़ों से घिरा होने के बावजूद थोड़ा मैदानों जैसा ही लग रहा था.  उस दिन हमने होटल में आराम किया और दूसरे दिन हमने होटल की कैब की, और निकल पड़े बॉटनिकल गार्डन के लिए. जो लगभग 6 एकड़ में फैला है. जहां फूलों की कई प्रजाति देखने को मिली, कई हजार साल पुराने पेड़ जिनकी जड़े चट्टानों से बाहर दिखाई पड़ रही थी.

फिर हमने नीलगिरी पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी दादोबेटा पहुंचे. जहां बादलों और कड़कड़ाती ठंड ने हमारा स्वागत किया. इसके बाद ऊंटी की झील में बोटिंग करना एक शानदार अनुभव था. ये झील मानव निर्मित है.

रोज गार्डन, ऊटी

रोज गार्ड ऊटी का आकर्षण

यदि आप ऊंटी आएं, तो रोज़ गार्डन आना न भूले. यहां गुलाब की इतनी प्रजाति आपको देखने को मिलेंगी, जितनी शायद ही आपने कहीं देखी होगी. पूरा गार्डन गुलाब की खुशबू से महक रहा था. हमने काफी समय इस गार्डन में बिताया. यहां के खूबसूरत नज़ारों को अपने कैमरे में कैद किया.

टॉय ट्रेन से कन्नूर का सफर

टॉय ट्रेन से कन्नूर का सफर

दूसरे दिन हमने सबसे पहले टॉय ट्रेन का सफर किया, जो कन्नूर तक जाती है. ट्रेन का सफर अपने आप में ही रोमांच से भरा रहा. लगभग एक घंटे के सफर के बाद हम कन्नूर पहुंच गए. जहां से हम हेती वैली पहुंचे.

शूटिंग प्वॉइंट

फिल्म इंडस्ट्री की पंसदीदा जगह हैती वैली

हैती वैली तक पूरा इलाका चाय के बागानों से भरा पड़ा था. जिधर भी नजर घुमाओ, सिर्फ चाय के बागान ही नजर आएं. इसी हैती वैली में साजन फिल्म के एक गाने की भी शूटिंग हुई थी

गोल्फ कोर्स

शाम होते-होते हम वापस ऊंटी आए. जिसके बाद हम अगले दिन हमने गोल्फ कोर्स, शूटिंग स्पाट, पाइकरा लेक देखा. शूटिंग स्पाट एक पहाड़ी पर घास के मैदान जैसा था जहां कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. जिसमे राजा हिंदुस्तानी, हम आपके हैं कौन जैसी बेहतरीन फिल्मे शामिल है. पाइकरा लेक बेहद ही खूबसूरत नजर आयी, यदि यहां आए तो बोटिंग करना न भूले.

पाइकरा लेक

ऊटी का सफर और होममेड चॉकलेट की मिठास

ऊंटी की एक और खास बात जो मुझे नजर आई, ये कोई छोटा शहर नहीं है, बल्कि एक बड़ा शहर है. चारों ओर से पहाड़ियों से घिरा हुआ है. बेहद की साफ सुथरा शहर है, और एक बात यहां आपको पानी की बोतल कहीं नहीं मिलेंगी. पानी के लिए आपको खुद अपनी ही बोतल लेनी होगी, लेकिन जगह- जगह आप पानी भर सकते हैं. यहां तो, यहां की प्रसिद्ध होममेड चॉकलेट खरीदना न भूले. चॉकलेट की मिठास में यहां के पहाड़ों की खुशबू जरूर महसूस होगी.

कैसे पहुंचे:

हवाई मार्ग

नजदीकी एयरपोर्ट कोयम्बटूर है, जो कि ऊटी से 85 किमी. दूर है. यहां दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद समेत देश के प्रमुख शहरों से नियमित फ्लाइट्स कोयंम्बटूर आती हैं. यहां से आप कैब के जरिए 3 घंटे में ऊटी पहुंच सकते हैं

रेल मार्ग

ऊटी से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन मेट्टूपलयम. चेन्नई, मैसूर, बेंगलुरु समेत कई नजदीकी शहरों से नियमित ट्रेनें मेट्टूपलयम आती हैं. यहां से आप कैब या फिर बस के जरिए ऊटी पहुंच सकते हैं. इसके अलावा आप टॉय ट्रेन नीलगिरी माउंटेन के जरिए भी पहाड़ियों, घने जंगलों और घाटियों के बीच से होते हुए भी ऊटी पहुंच सकते हैं. ये सफर आपकों हमेसा याद रहेगा.

सड़क मार्ग

बस के जरिए चेन्नई, मैसूर, बेगलुरु से बस सर्विस और कैब सर्विस उपलब्ध है.

क्या है खास

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