उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का चिड़ियाघर यानी कि दून  ZOO एक बार पर्यटकों के स्वागत को तैयार है. कोरोना संकट में करीब 7 महीने एक बार ZOO पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है.

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए देहरादून  ZOO में व्यापक इंतजाम किए हैं. इसलिए आपकों डरने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है. बस आपको कोविड गाइडलाइन पालन करना है. अगर आप देहरादून  ZOO जाने के बारे में सोच रहे हैं, या प्लान बना रहे हैं. तो मास्क जरूर साथ रखें, क्योंकि इसके बिना एंट्री नहीं मिलेगी. कोरोना संकट में देहरादून  ZOO में पक्षियों को छूने की सख्त मनाही है. इसलिए ऐसा बिल्कुल भी न करें. आप दूर से ही वाइल्फ का लुत्फ उठाएं .

सांकेतिक तस्वीर

कोरोना संकट में ZOO में व्यवस्था

यहां पहुंचने वाले सभी पर्यटकों का टेंपरेचर चेक करने के बाद ही उन्हें अंदर आने की इजाजत दी जा रही है. एंट्री गेट पर ही हाथ सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है. अगर किसी ने मास्क नहीं पहना है, तो ZOO प्रशासन उसे मास्क उपलब्ध करवाएगा.

ZOO में आकर्षण का केंद्र

यूं तो देहरादून ZOO में 400 पशु पक्षी हैं, लेकिन सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र यहां का सरपेंटाइन हाउस और फिश एक्वेरियम है. सरपेंटाइन हाउस में 22 प्रजातियों के सांप रखे गए हैं, जिसमें जहरीले और बिना जहर वाले सांप शामिल हैं.

सरपेंटाइन हाउस में किंग कोबरा से लेकर, रसैल वाइपर, पाइथन, क्रेट जैसे सांपों का आशियाना है. वहीं फिश एक्वेरियम में भिन्न-भिन्न प्रकार की मछलियां मौजूद हैं. इनमें सार्क, पिराना, आरपाइमा, ऑस्कर, रोहू, कार्प और रेन्डो जैसी मछलियां हैं.

तेंदुए हैं ZOO की शान

यहां मौजूद तेंदुए चिड़ियाघर की शान हैं, ये तेंदुए अपने बाड़ों में रहते हैं, यहीं पर इनका ख्याल रखा जाता है. इसके अलावा चार प्रकार के स्पॉटेड डीयर भी दून जू के आकर्षण का खासा केंद्र है। इनमें काकड़, चीतल , घुरल व सांभर शामिल है.

देहरादून जू में और भी कई ऐसे पक्षी और जीव हैं, जो चिड़ियाघर को खास बनाते हैं. तो अगर आपके पास वक्त है, कहीं घूमने जाना चाहते हैं. प्रकृति के बीच समय व्यतीत करना चाहते हैं. तो देहरादून जू शानदार जगह हो सकती है.

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