सरोवर नगरी नैनीताल की खूबसूरत वादियों में बसा कैंची धाम. यही वो आश्रम है. जहां बाबा नीब करौरी सबसे ज्यादा वक्त तक रहे. यहां हर साल देश विदेश से हजारों श्रद्धालु आते हैं. बाबा नीब करौरी का आशीर्वाद लेने.

नैनीताल में स्थित है कैंची धाम

मान्यता है कि यहां जो भी आता है. वो खाली हाथ नहीं जाता. बाबा नीब करौरी सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

कैंची धाम में बाबा नीब करौरी की एक मूर्ति स्थापित की गई है. जबकि हनुमान जी को समर्पित एक मंदिर बना हुआ है. बाबा नीब करौरी हनुमान जी के परमभक्त थे. कैंची धाम आश्रम में भगवान राम के साथ अन्य देवी, देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं.

कितनी दिलचस्प बात है. कि बाबा नीब करौरी ने अपना ज्यादातर वक्त नैनीताल के कैंची धाम में गुजारा. लेकिन वो नैनीताल के रहने नहीं थे. उनका जन्म फर्रुखाबाद के एक गांव में हुआ था. आपकों जानकर हैरानी होगी. कि बाबा का नाम नीब करौरी उनके गांव का नाम है. जिसे उन्होंने अपने साथ जोड़कर पूरे विश्व में विख्यात कर दिया.

बाबा नीब करौरी से जुड़ी है कई कहानियां

बाबा नीब करौरी के पैतृक गांव में भी उनको समर्पित एक मंदिर है. साथ ही उनसे जुड़ कई कहानियां. एक कहानी उस वक्त की है. जब देश में ब्रिटिश हुकुमत थी. कहा जाता है. बाबा नीब करौरी ट्रेन से कहीं जा रहे थे. लेकिन ट्रेन में तैनात ब्रिटिश गार्डों ने उन्हें उसी जगह उतार दिया था. जहां आज रेलवे स्टेशन बना हुआ है.

बताया जाता है. उस वक्त जब नीब करौरी बाबा को ट्रेन से उतार दिया गया. तो ट्रेन चली ही नहीं जिस पर ट्रेन के ड्राइवर को उनसे माफी मांगनी पड़ी थी. इस स्टेशन पर आज भी बाबा नीम करौरी की फोटो लगी हुई है.

यहीं से कुछ दूरी पर स्थित बाबा नीब करौरी धाम. जहां स्थित है बाबा नीब करौरी धाम. यहां भी बाबा नीब करौरी के सैकड़ों भक्त, श्रद्धालु पहुंचते हैं. अपनी मन्नत मांगते हैं…

पूरे विश्व में बाबा नीब करौरी से जुड़े न जाने कितने मंदिर हैं. और उनसे जुड़ी न जाने कितनी ही कहानियां.

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